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जल संरक्षण हर बूंद मान्य रखता हैं || हर बूंद से अधिक फसल और सभी चीजें मिलती हैं ||

जल संरक्षण हर बूंद मान्य रखता हैं || हर बूंद से अधिक फसल और सभी चीजें मिलती हैं ||
जल संरक्षण हर बूंद मान्य रखता हैं || हर बूंद से अधिक फसल और सभी चीजें मिलती हैं ||©Provided by Bodopress



जल संरक्षण हर बूंद मान्य रखता हैं || हर बूंद से अधिक फसल और सभी चीजें मिलती हैं ||

हर बूंद से अधिक फसल और सभी चीजें मिलनी चाहिए। इसका मतलब है कि जानबूझकर ऐसी डिजाइनिंग होनी चाहिए जिससे पानी की खपत कम हो। कृषि में इसका अर्थ है कि फसलों के तरीके में बदलाव लाया जाए ताकि पानी की प्यासी फसलों जैसे चावल, गेहूं और गन्ने का उत्पादन ऐसे क्षेत्रों में बंद किया जा सके जहां पानी का संकट है।

कृषि में इसका अर्थ है कि फसलों के तरीके में बदलाव लाया जाए ताकि पानी की प्यासी फसलों जैसे चावलगेहूं और गन्ने का उत्पादन ऐसे क्षेत्रों में बंद किया जा सके जहां पानी का संकट है। ऐसी नीतियां बननी चाहिए जिससे किसान फसलों में विविधता लाएं और उन्हें लाभकारी मूल्य मिले। ऐसे भोजन को बढ़ावा देना चाहिए जिसमें पानी कम लगता है।

गन्ने में फुटाव की दवा ?
  • गन्ने के अच्छे फुटाव के लिए समय-समय गुड़ाई कर कूंड़ बनाकर यूरिया खाद की दूसरी बार प्रयोग करें |
  • गन्ने के कल्लों मे कटाई-छटाई यदि हो गई हो तो सिंचाई करें और उर्वरक की शेष मात्रा कूंड़ बनाकर डाल दें |

किसान अपने खेत में जैविक खाद का प्रयोग करें साथ ही गोबर को सड़ाकर उसे अंतिम जुताई से पूर्व खेतों में प्रयोग करें। गोष्ठी में चीनी मिल के वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक एनपी सिंह, सहायक प्रबंधक गन्ना वीके सिंह, उप प्रबंधक गन्ना प्रवीन शर्मा समेत कई अधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।

उपसतह ड्रिप सिंचाई तकनीक द्वारा गन्ना खेती में लगभग 25 प्रतिशत की सिंचाई के लिए आवश्यक पानी की मात्रा को कम कर सकते हैं। जड़ क्षेत्र में सीधे पानी का उपयोग करने से जल का अधिक सदुपयोग होता है, जिसके परिणामस्वरूप पानी की उपयोग दक्षता में वृद्धि होती है।

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